हेल्लौ दोस्तो;- झूठी एफआईआर को निरस्त करवाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं
1. पुलिस में आवेदन:
सबसे पहले, आप पुलिस में एक आवेदन दे सकते हैं जिसमें आप एफआईआर को निरस्त करने की मांग कर सकते हैं। इसमें आपको यह बताना होगा कि एफआईआर झूठी है और इसके पीछे क्या कारण हैं।
2. न्यायालय में आवेदन:
यदि पुलिस आपकी बात नहीं सुनती है, तो आप न्यायालय में एक आवेदन दे सकते हैं जिसमें आप एफआईआर को निरस्त करने की मांग कर सकते हैं। आप सीआरपीसी की धारा 482 के तहत उच्च न्यायालय में आवेदन दे सकते हैं।
3. साक्ष्य प्रस्तुत करना:
न्यायालय में आवेदन देते समय आपको यह साबित करना होगा कि एफआईआर झूठी है। इसके लिए आप साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं जैसे कि दस्तावेज़, गवाह, आदि।
4. न्यायालय का निर्णय:
न्यायालय आपकी अपील पर विचार करेगा और यदि उसे लगता है कि एफआईआर झूठी है, तो वह इसे निरस्त कर सकता है।
झूठी एफआईआर दर्ज करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही:
1. धारा 182:
यदि कोई व्यक्ति झूठी एफआईआर दर्ज करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 182 के तहत कार्यवाही की जा सकती है। इस धारा के तहत, झूठी जानकारी देने वाले व्यक्ति को 6 महीने तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
2. धारा 211:
इसके अलावा, झूठी एफआईआर दर्ज करने वाले व्यक्ति के खिलाफ धारा 211 के तहत भी कार्यवाही की जा सकती है। इस धारा के तहत, झूठा आरोप लगाने वाले व्यक्ति को 2 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
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