शनिवार, 19 जुलाई 2025
करोड़पति बन जाओगे 2025 मे घर बेठे पैसे कमाने के 10 नये तरीके
शुक्रवार, 18 जुलाई 2025
सभी के 4 पत्निया होनी चाहिए, ओर क्यो रखनी चाहिये
सभी के 4 पत्निया होनी चाहिए, ओर क्यो रखनी चाहिये, आपको सचाई का पता नही शायद
‘हर व्यक्ति की 4 पत्नियां होनी चाहिए’
#बुद्ध के अनुसार किसी व्यक्ति की एक नहीं,
दो नहीं, बल्कि 4 पत्नियां होनी चाहिए।
एक समय की बात है,
एक व्यक्ति था जिसकी 4 पत्नियां थीं।
यह उस दौर की बात है जब भारत में एक पुरुष को
एक से अधिक पत्नियां रखने की इजाजत थी।
उसका जीवन काफी अच्छा चल रहा था,
लेकिन परेशानियां भी अधिक दूर नहीं थीं।
वह काफी बीमार पड़ गया,
उसकी बीमारी ठीक ना होने की
कगार पर आ गई थी।
अब उसे समझ आ गया था कि
उसकी मृत्यु का समय बेहद नजदीक है।
इस बात का आभास होने पर वह काफी
अकेला और उदास रहने लगा।
लेकिन तब उसने हिम्मत करके अपनी पहली
पत्नी से एक प्रश्न किया,
“प्रिय, मेरी मृत्यु काफी नजदीक है,
बहुत जल्द मैं अपना शरीर त्यागकर संसार से
मुक्त हो जाऊंगा।
लेकिन मैं अकेले ही यह सफर
तय नहीं करना चाहता।
मैंने हमेशा तुमसे प्यार किया और
अब भी करता हूं,
क्या तुम मृत्यु के बाद मेरे साथ
चलोगी, जहां भी मैं जाऊं?”
इस बात को सुनकर कुछ क्षण के लिए
उस व्यक्ति की पत्नी खामोश हो गई।
उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या कहे।
लेकिन कुछ हिम्मत जुटाते हुए उसने अपने
पति के प्रश्न का उत्तर दिया।
“स्वामी, मैं जानती हूं कि आप मुझसे बेहद प्रेम करते हैं। मैं भी आपसे तहे दिल से मोहब्बत करती हूं,
लेकिन अब तुम्हारी मृत्यु के साथ हमारे अलग होने का समय आ गया।“
ऐसा कहते हुए पहली पत्नी ने अपने पति से विदा ली।
अब उदास पति अपनी दूसरी पत्नी के पास पहुंचा,
उससे भी उसने यही सवाल किया और कहा,
“क्या तुम मृत्यु के बाद मेरे साथ चलोगी?”
उस व्यक्ति की दूसरी पत्नी ने बेहद विनम्र तरीके से
अपने पति के इस सवाल का जवाब दिया
और कहा,
“जब आपकी पहली पत्नी ने ही आपके साथ
जाने से इनकार कर दिया,
तो मैं आपके साथ कैसे जा सकती हूं?
” ऐसा कहते हुए वह वहां से चली गई।
अब वह व्यक्ति बेहद उदास होकर वहां से चला गया। मौत के बेहद करीब खुद को पाकर उसने अपनी तीसरी पत्नी को बुलाया और वही प्रश्न किया जो उसने अपनी पहली और दूसरी पत्नी से भी किया था।
लेकिन उससे भी उसे इनकार के सिवा
और कुछ हासिल ना हुआ।
अब उसने अपनी चौथी पत्नी को बुलाया।
अब तक वह सारी उम्मीदें खो चुका था,
इसलिए अपनी चौथी पत्नी से वही सवाल
करने की हिम्मत ना कर सका।
वह चुपचाप अपनी चौथी पत्नी को देखता रहा,
लेकिन फिर कुछ पल के बाद आखिरकार
उसने वही सवाल किया।
“क्या मरने के बाद मैं जहां जाऊंगा,
वहां तुम मेरे साथ चलोगी?
क्या तुम मरने के बाद भी मेरा साथ दोगी..?
इस सवाल को चौथी बार दोहराते हुए
उस व्यक्ति की आवाज में बेहद
हिचकिचाहट थी।
लेकिन इस बार उसकी अपेक्षाएं
काफी कम हो गई थीं।
किंतु तभी उसकी पत्नी ने जवाब दिया,
“स्वामी, मैं आपके साथ अवश्य चलूंगी।
आप जहां मुझे लेकर जाना चाहें,
मैं आपका साथ दूंगी।
मैं स्वयं भी आपसे दूर नहीं रह सकती,
इसलिए आप जहां भी जा रहे हैं
मुझे साथ ही लेकर जाएं।“
इस कहानी को सुनाते हुए गौतम बुद्ध ने
अंत में कहा कि हर पुरुष एवं महिला के पास
4 पत्नियां एवं 4 पति, होने चाहिए।
ताकि उसे भी चौथी बार में हां सुनने को मिल सके।
किंतु कहानी में बताई गई 4 पत्नियों को गौतम बुद्ध ने जीवन के एक खास पहलू के साथ जोड़ा है।
गौतम बुद्ध के अनुसार कहानी में
पहली पत्नी हमारा #शरीर है।
जिसे हम कभी भी अपनी मृत्यु के बाद
अपने साथ लेकर नहीं जा सकते।
मनुष्य कितना ही प्रयत्न क्यों ना कर ले,
लेकिन उसका शरीर मृत्यु के बाद
उसके साथ नहीं जाता।
दूसरी पत्नी है हमारा ‘#भाग्य’...
मृत्यु के बाद कैसा भाग्य?
मृत्यु ही तो अंत है,
इसके बाद हमें क्या मिलेगा और क्या नहीं
यह हमारे कर्मों पर निर्भर करता है।
लेकिन मृत्यु के बाद हमें जो मिलता है
वह एक नई शुरुआत ही है।
इसलिए हम अपने भाग्य को कभी साथ
नहीं ले जा सकते।
कहानी में तीसरी पत्नी से तात्पर्य है
‘#रिश्ते’।
महाभारत में श्रीकृष्ण ने भी कहा था कि
मनुष्य की मृत्यु के बाद उसकी आत्मा का
किसी से भी संबंध नहीं रहता।
आत्मा किसी की नहीं होती,
जब तक उसे नया शरीर ना मिल जाए,
उसका कोई सगा-संबंधी नहीं होता।
इस बात को श्रीकृष्ण ने अर्जुन को समझाया था,
जब अपने पुत्र अभिमन्यु की मृत्यु के ग़म में
उसने युद्ध लड़ने से इनकार कर दिया था।
तब श्रीकृष्ण ने उसे स्वर्ग में भेजा,
जहां उसने अभिमन्यु को देखा।
पुत्र को आंखों के सामने देखते ही अर्जुन
अति प्रसन्न हो गया और गले से लगा लिया।
लेकिन जवाब में अभिमन्यु ने अर्जुन को
पीछे धक्का मारा और सवाल किया
कि ‘तुम कौन हो’?
तब श्रीकृष्ण ने समझाया कि वह अभिमन्यु नहीं,
मात्र एक आत्मा है।
जिसका केवल तब तक तुम्हारे साथ रिश्ता था,
जब तक वह तुम्हारे पुत्र अभिमन्यु के शरीर में थी।
अब नया शरीर मिलने तक यह आत्मा किसी की
नहीं कहलाएगा।
गौतम बुद्ध की कहानी के अनुसार तीसरी पत्नी
जो कि व्यक्ति के रिश्ते को दर्शाती है,
वह उसके साथ नहीं जा सकती।
अब अगली बारी है चौथी पत्नी की,
जो आखिरकार साथ जाने के लिए तैयार हो गई।
गौतम बुद्ध के अनुसार चौथी पत्नी है
हमारे ‘#कर्म’।
यह एकमात्र ऐसी चीज है जो मृत्यु के बाद
हमारे साथ जाती है।
हमारे पाप-पुण्य का लेखा जोखा दिलाती है।
मृत्यु के बाद हमारी आत्मा को स्वर्ग प्राप्त होगा,
नर्क प्राप्त होगा या फिर नया जीवन,
यह कर्मों पर ही निर्भर करता है।
आप सभी का धन्यवाद
बुधवार, 16 जुलाई 2025
कब्जा धारक नही होगा मालिक, सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका
कब्जा धारक नही होगा मालिक, सुप्रीम कोर्ट ने दिया झटका😕
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला – अब कब्जा नहीं, रजिस्ट्री ही तय करेगी मालिकाना हक़🧐😳
अगर आप चाहते हैं कि आपकी खरीदी हुई संपत्ति पूरी तरह सुरक्षित हो और किसी तरह की कानूनी दिक्कत न हो, तो रजिस्ट्री कराना सबसे जरूरी कदम है। सुप्रीम कोर्ट ने ये साफ कर दिया है कि अब कानून से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकेगा। प्रॉपर्टी का हक सिर्फ उस इंसान को मिलेगा जिसने उसे रजिस्टर्ड तरीके से खरीदा है। इसलिए अब कोई भी फैसला लेने से पहले सोच-समझकर कदम उठाएं और रजिस्ट्री जरूर कराएं।
रविवार, 13 जुलाई 2025
चोरी करने पर क्या है, सजा का प्रावधान
मानव अधिकार आयोग क्या है,बडे बडे अपराधी डरते है
मानव अधिकार आयोग क्या है,बडे बडे अपराधी डरते है
मानव अधिकार आयोग एक महत्वपूर्ण संस्था है जो मानव अधिकारों की रक्षा और संरक्षण के लिए काम करती है। इसके कुछ प्रमुख कार्य है
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2.मानवाधिकार हनन की जांच
आयोग मानवाधिकार हनन की जांच करती है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करती है।
3.मानव अधिकारों के बारे में जागरूकता
आयोग मानव अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए काम करती है, जिससे लोगों को अपने अधिकारों के बारे में पता चल सके।
4.सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों की निगरानी
आयोग सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों की निगरानी करती है जो मानव अधिकारों के हनन में शामिल हो सकते हैं।
5.नीति और कानून में सुधार
आयोग नीति और कानून में सुधार के लिए सिफारिशें करती है जो मानव अधिकारों की रक्षा में मदद कर सकती हैं।
6.पीड़ितों को सहायता
आयोग पीड़ितों को सहायता प्रदान करती है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए काम करती है।
7.मानव अधिकारों के बारे में अनुसंधान
आयोग मानव अधिकारों के बारे में अनुसंधान करती है और मानव अधिकारों के क्षेत्र में नए तरीकों और रणनीतियों को विकसित करने के लिए काम करती है।
मानव अधिकार आयोग के कुछ और कार्य हैं:
8. शिकायतों की जांच
आयोग मानव अधिकारों के हनन की शिकायतों की जांच करती है और उचित कार्रवाई के लिए सिफारिशें करती है।
9.मानव अधिकारों के बारे में शिक्षा और प्रशिक्षण
आयोग मानव अधिकारों के बारे में शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करती है, जिससे लोगों को अपने अधिकारों के बारे में पता चल सके।
10.अन्य संगठनों के साथ सहयोग
आयोग अन्य संगठनों के साथ सहयोग करती है जो मानव अधिकारों की रक्षा और संरक्षण के लिए काम करते हैं।
11.वार्षिक रिपोर्ट
आयोग वार्षिक रिपोर्ट तैयार करती है जिसमें मानव अधिकारों की स्थिति के बारे में जानकारी दी जाती है और सुधार के लिए सिफारिशें की जाती हैं।
12.मानव अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अभियान
आयोग मानव अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चलाती है, जिससे लोगों को अपने अधिकारों के बारे में पता चल सके।
13.पीड़ितों के लिए मुआवजा
आयोग पीड़ितों के लिए मुआवजा की सिफारिश करती है जो मानव अधिकारों के हनन के कारण पीड़ित हुए हैं।
इन कार्यों के माध्यम से, मानव अधिकार आयोग मानव अधिकारों की रक्षा और संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
शनिवार, 12 जुलाई 2025
जब पुलिस FIR दर्ज नही करे, ये करो
जब पुलिस FIR दर्ज नही करे, ये करो
शुक्रवार, 11 जुलाई 2025
पुलिस ने जांच के दोरान केस मे चार्जशीट दाखिल करने की जगह FR लगा दी कैसे प्रोटेस्ट करे
यदि पुलिस ने जांच के दौरान केस में चार्जशीट दाखिल करने की जगह एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी है, तो आप इसके खिलाफ प्रोटेस्ट कर सकते हैं। यहाँ कुछ कदम हैं जिनका पालन आप कर सकते हैं:
1. एफआर की कॉपी प्राप्त करें:
सबसे पहले, एफआर की एक कॉपी प्राप्त करें। यह आपके अधिकारों को जानने और आगे की कार्रवाई करने के लिए आवश्यक है।
2. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से संपर्क करें:
आप वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जैसे कि एसपी या डीएसपी से संपर्क कर सकते हैं और उनसे एफआर को रद्द करने और आगे की जांच करने का अनुरोध कर सकते हैं।
3. न्यायालय में प्रोटेस्ट पिटीशन दायर करें:
आप न्यायालय में प्रोटेस्ट पिटीशन दायर कर सकते हैं और न्यायालय से अनुरोध कर सकते हैं कि एफआर को रद्द किया जाए और पुलिस को आगे की जांच करने का निर्देश दिया जाए।
4. न्यायालय में सबूत प्रस्तुत करें:
आप न्यायालय में सबूत प्रस्तुत कर सकते हैं जो दिखाते हैं कि एफआर लगाना गलत था और आगे की जांच आवश्यक है।
5. वकील की सलाह लें:
यदि आप न्यायालय में प्रोटेस्ट पिटीशन दायर करना चाहते हैं, तो आपको एक अनुभवी वकील की सलाह लेनी चाहिए। वे आपको आगे की कार्रवाई के बारे में सलाह दे सकते हैं और आपकी पिटीशन तैयार करने में मदद कर सकते हैं।
*महत्वपूर्ण बातें:*
1. समय पर कार्रवाई करें
2. सबूत इकट्ठा करें
3. वकील की सलाह लें
4. न्यायालय में प्रोटेस्ट पिटीशन दायर करने से पहले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से संपर्क करें
यदि आप एफआर के खिलाफ प्रोटेस्ट करना चाहते हैं, तो आपको कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा और एक अनुभवी वकील की सलाह लेनी होगी।
गुरुवार, 10 जुलाई 2025
झुटी FIR को कैसे खारिज करवाए
हेल्लौ दोस्तो;- झूठी एफआईआर को निरस्त करवाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं
1. पुलिस में आवेदन:
सबसे पहले, आप पुलिस में एक आवेदन दे सकते हैं जिसमें आप एफआईआर को निरस्त करने की मांग कर सकते हैं। इसमें आपको यह बताना होगा कि एफआईआर झूठी है और इसके पीछे क्या कारण हैं।
2. न्यायालय में आवेदन:
यदि पुलिस आपकी बात नहीं सुनती है, तो आप न्यायालय में एक आवेदन दे सकते हैं जिसमें आप एफआईआर को निरस्त करने की मांग कर सकते हैं। आप सीआरपीसी की धारा 482 के तहत उच्च न्यायालय में आवेदन दे सकते हैं।
3. साक्ष्य प्रस्तुत करना:
न्यायालय में आवेदन देते समय आपको यह साबित करना होगा कि एफआईआर झूठी है। इसके लिए आप साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं जैसे कि दस्तावेज़, गवाह, आदि।
4. न्यायालय का निर्णय:
न्यायालय आपकी अपील पर विचार करेगा और यदि उसे लगता है कि एफआईआर झूठी है, तो वह इसे निरस्त कर सकता है।
झूठी एफआईआर दर्ज करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही:
1. धारा 182:
यदि कोई व्यक्ति झूठी एफआईआर दर्ज करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 182 के तहत कार्यवाही की जा सकती है। इस धारा के तहत, झूठी जानकारी देने वाले व्यक्ति को 6 महीने तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
2. धारा 211:
इसके अलावा, झूठी एफआईआर दर्ज करने वाले व्यक्ति के खिलाफ धारा 211 के तहत भी कार्यवाही की जा सकती है। इस धारा के तहत, झूठा आरोप लगाने वाले व्यक्ति को 2 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
यह ध्यान रखें कि झूठी एफआईआर को निरस्त करवाने की प्रक्रिया जटिल हो सकती है और इसमें समय लग सकता है। इसलिए, आपको एक अनुभवी वकील की सलाह लेनी चाहिए।
सार्वजनिक नाले पर अतिक्रमण
आबादी भूमि के सार्वजनिक नाले पर कब्जा करने और उस पर मकान बनाने के मामले में, यह एक गंभीर मुद्दा है
जो सार्वजनिक संपत्ति और पर्यावरण को प्रभावित कर सकता है। यदि आप इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहते हैं और स्टे ऑर्डर प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:
1. स्थानीय प्राधिकरण से संपर्क करें:
सबसे पहले, आप स्थानीय प्राधिकरण जैसे कि नगर निगम या ग्राम पंचायत से संपर्क करें और उन्हें इस मामले की जानकारी दें। वे इस मामले में जांच कर सकते हैं और आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं।
2. न्यायालय में याचिका दायर करें*:
यदि स्थानीय प्राधिकरण कार्रवाई नहीं करते हैं, तो आप न्यायालय में एक याचिका दायर कर सकते हैं जिसमें आप सार्वजनिक नाले पर कब्जा करने और मकान बनाने के खिलाफ स्टे ऑर्डर की मांग कर सकते हैं।
3. पार्टी के रूप में:
इस मामले में, पार्टी के रूप में निम्नलिखित हो सकते हैं:
-स्थानीय निवासी:
यदि आप स्थानीय निवासी हैं और इस मामले से प्रभावित हैं, तो आप पार्टी के रूप में न्यायालय में याचिका दायर कर सकते हैं।
- पर्यावरण संगठन:
यदि कोई पर्यावरण संगठन इस मामले में रुचि रखता है, तो वे भी पार्टी के रूप में न्यायालय में याचिका दायर कर सकते हैं।
- स्थानीय प्राधिकरण:
स्थानीय प्राधिकरण जैसे कि नगर निगम या ग्राम पंचायत भी पार्टी के रूप में न्यायालय में याचिका दायर कर सकते हैं।
राजस्थान में, आप निम्नलिखित न्यायालयों में याचिका दायर कर सकते हैं:
*जिला न्यायालय*:
आप जिला न्यायालय में याचिका दायर कर सकते हैं जिसमें आप सार्वजनिक नाले पर कब्जा करने और मकान बनाने के खिलाफ स्टे ऑर्डर की मांग कर सकते हैं।
- उच्च न्यायालय:
आप उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर कर सकते हैं यदि जिला न्यायालय का निर्णय आपके पक्ष में नहीं आता है।
यह ध्यान रखें कि न्यायालय में याचिका दायर करने के लिए आपको एक अनुभवी वकील की सलाह लेनी चाहिए जो आपको इस मामले में उचित मार्गदर्शन प्रदान कर सकता है।
नमस्ते दोस्तो मै (यहा पर आपको रोजाना कानूनी जानकारी मिलेगी)
ऐडवोकेट राजेन्द्र जलदीप
राज. High Court
मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) एक विशेष अदालत है जो मोटर वाहन दुर्घटनाओं से संबंधित मुआवजे के दावों का निपटारा करती है। इसका उद्...
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हेल्लौ दोस्तो;- झूठी एफआईआर को निरस्त करवाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं 1. पुलिस में आवेदन: सबसे पहले, आप पुलिस में एक आवेदन द...
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Section 9 Hindu Marriage Act in Hindi | धारा 9 के नुकसान ओर फायदे Comments / Adv Rajendra jaldeep आज इस आर्टिकल के द्वारा हम आपको “Section ...
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सभी के 4 पत्निया होनी चाहिए, ओर क्यो रखनी चाहिये, आपको सचाई का पता नही शायद ‘हर व्यक्ति की 4 पत्नियां होनी चाहिए’ #बुद्ध के अनुसार किसी व्...








