शनिवार, 12 जुलाई 2025

जब पुलिस FIR दर्ज नही करे, ये करो

     
        जब पुलिस FIR दर्ज नही करे, ये करो


देश में सविधान के अनुसार संवैधानिक व्यवस्था की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्यपालिका(सरकार ),विधायका और न्यायपालिका के आदेशों का विधि विधान के अनुसार अनुपालन सुनिश्चित करने तथा देश वासियों की संवैधानिक मूल अधिकारों की रक्षा सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्राथमिक जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है।

 पुलिस प्रशासन के मातहत हर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई किसी भी आपराधिक घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट (F.I.R)संबंधित थाना में दर्ज की जानी अति आवश्यक हैं,
आज्ञापक विधि (mandatory law) है ।

विधि के प्रतिपादित सिद्धांतों के अनुसार
अगर पुलिस एफआईआर (FIR) दर्ज करने से मना करती है, तो आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं: 

1. वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करें
आप पुलिस अधीक्षक (SP), उपमहानिरीक्षक (DIG) या महानिरीक्षक (IG) या कमिश्नरेट व्यवस्था में ACP, DCP और Commissioner off Police के पास लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
यदि वरिष्ठ अधिकारी भी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो

2. न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास जाएं
 आप न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष 173(4) बी एन एस एस के अंतर्गत प्रार्थना पत्र/आवेदन देकर पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने के लिए कह सकते हैं. 

3. उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करें
कुछ मामलों में, आप अपने राज्य के उच्च न्यायालय में रिट याचिका भी दायर कर सकते हैं. 

4. ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करें:
कुछ राज्यों में, आप ऑनलाइन भी एफआईआर दर्ज करा सकते हैं. 

5. कुशल पेशेवर अधिवक्ता (एडवोकेट/वकील) की मदद लें:

एक पेशेवर Advocate (वकील) आपको प्रभावी कानूनी सलाह देकर आपको आपके संविधानिक व्यवस्था की सुरक्षा प्राप्त करने में सफलता दिला सकता है और आपके मामले प्रभावी तरीके से न्यायिक प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ाने में आपको मदद कर सकता है?

Advcoate Rajendra jaldeep 
Raj. High Court 
कानून सीखो

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