✍✍भारतीय न्याय संहिता के अधीन चोरी से संबंधित प्रावधान
✍✍चोरी की परिभाषा (धारा 303 (1))
✍✍चोरी के आवश्यक तत्त्व👇
1⃣ व्यक्ति के कब्ज़े में से,
2⃣ सम्मति के बिना
3⃣ जंगम संपत्ति
4⃣ बेईमानी का आशय
5⃣ हटाना
चोरी करता है, यह कहा जाता है।"
चोरी के लिये दण्ड (धारा 303(2))
पहली बार अपराध करने वाले: 👇
✅ तीन वर्ष तक की अवधि के लिये किसी भी प्रकार का कारावास, या
✅ जुर्माना, या
✅ दोनों
बार-बार अपराध करने वाले (दूसरी या पश्चात्वर्ती दण्ड): 👇
✅ एक से पाँच वर्ष की अवधि के लिये कठोर कारावास, और
✅ जुर्माना
छोटी चोरी का उपबंध (पाँच हजार रुपए से कम मूल्य): 👇
✅ पहली बार अपराध करने वाले जो संपत्ति का मूल्य लौटाते हैं या चोरी की गई संपत्ति को वापस करते हैं
सामुदायिक सेवा के साथ दण्ड
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